"केवल एक विचार ही आपका जीवन बना या बिगाड़ सकता है। "
"विचार कर्म का बीज है "
बरसों या दशको या यूगों से भी पहले जब पृथ्वी पर जीवन था या नही !या जीवन की शुरूआत होने वाली थी
तब उस परम शक्ति ने विचार किया होगा I हाँ विचार ही तो पहले आया होगा तभी तो सृष्टि की ,ब्रम्हांड की ,
पृथ्वी की और सौर मण्डल में जीवन की उत्पत्ती हुई होगी I विचारों के बल पर ही ब्रह्मांड की रचना हुई होगी
रचना हुई सृष्टि की , भौतिक विश्व से पहले सृष्टि के रचयिता ने विचारों में ब्रह्मांड की रचना की।
ब्रह्मांड की रचना या भौतिक जगत का निर्माण विचारों ही हुआ l
यही रचनात्मक सिद्धान्त है "विश्व में किसी भी वस्तु का भौतिक निर्माण होने से पहले उसका वैचारिक निर्माण होता है "l
हाँ यही सत्य है आप अपने विचारों से अपने ब्रम्हांड या कहे की अपना जीवन बना सकते है अच्छे या
बुरे पर जैसे आपके विचार होंगे वैसा ही आपका जीवन का स्वरूप होगा आपके विचारों की शक्ति आपके जीवन के हर क्षेत्र में आपकी स्थिति तय करती है ,आपका जीवन जैसा भी है सफल या संघर्षपुर्ण ये एकमात्र आपके
विचारों के कारण ही होता है
हाँ ये हमारे और सिर्फ हमारे विचारों का परिणाम है कि हम कैसा जीवन जी रहे है हर हाल में ख़ुश या
हर समय चिंता से भरे हुए l
हमे हमारे मन के विचारों को परखना होगा ये क्या है, कैसे है, जब हम अपने विचारों के दृष्टा बनकर उन्हें जानेंगे तब हम समझेंगे की सचमुच हमारे विचार ही हमारे भविष्य की सीढी है !हमारे मन या कहें की अवचेतन मन की देन है हमारा भविष्य
"विचार कर्म का बीज है "
बरसों या दशको या यूगों से भी पहले जब पृथ्वी पर जीवन था या नही !या जीवन की शुरूआत होने वाली थी
तब उस परम शक्ति ने विचार किया होगा I हाँ विचार ही तो पहले आया होगा तभी तो सृष्टि की ,ब्रम्हांड की ,
पृथ्वी की और सौर मण्डल में जीवन की उत्पत्ती हुई होगी I विचारों के बल पर ही ब्रह्मांड की रचना हुई होगी
रचना हुई सृष्टि की , भौतिक विश्व से पहले सृष्टि के रचयिता ने विचारों में ब्रह्मांड की रचना की।
ब्रह्मांड की रचना या भौतिक जगत का निर्माण विचारों ही हुआ l
यही रचनात्मक सिद्धान्त है "विश्व में किसी भी वस्तु का भौतिक निर्माण होने से पहले उसका वैचारिक निर्माण होता है "l
हाँ यही सत्य है आप अपने विचारों से अपने ब्रम्हांड या कहे की अपना जीवन बना सकते है अच्छे या
बुरे पर जैसे आपके विचार होंगे वैसा ही आपका जीवन का स्वरूप होगा आपके विचारों की शक्ति आपके जीवन के हर क्षेत्र में आपकी स्थिति तय करती है ,आपका जीवन जैसा भी है सफल या संघर्षपुर्ण ये एकमात्र आपके
विचारों के कारण ही होता है
हाँ ये हमारे और सिर्फ हमारे विचारों का परिणाम है कि हम कैसा जीवन जी रहे है हर हाल में ख़ुश या
हर समय चिंता से भरे हुए l
हमे हमारे मन के विचारों को परखना होगा ये क्या है, कैसे है, जब हम अपने विचारों के दृष्टा बनकर उन्हें जानेंगे तब हम समझेंगे की सचमुच हमारे विचार ही हमारे भविष्य की सीढी है !हमारे मन या कहें की अवचेतन मन की देन है हमारा भविष्य
" विचारोँ से भावना बनती और भावना से भविष्य "
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